Zomato Ke Success Ki Kahani/जोमाटो के सक्सेस की कहानी

जोमाटो के सफलता की कहानी और किस वजह से हुई शुरुआत

कीस वजह से हुई जोमाटो की शुरुआत आप मे से कम ही व्यक्ति इसके बारे में जानते होंगे,की यह कम्पनी क्यों शुरू की गई कब शुरू की गई कितने व्यक्तियो ने मिल के इस कम्पनी की शुरुआत की और क्यों आज ये भारत के सक्सेसफुल स्टार्टअप में आती है। और कैसे ये आज 24 अलग-अलग देशो में काम कर रही है।




क्यू व किसने की शुरुआत

इस कम्पनी को बनाने का श्रेय दिल्ली के ITI कॉलेज के दो छात्रों को जाता है,(दीपेंद्र गोयल व पंकज चड्डा)। ये दोनों एक साथ कॉलेज पासआउट कर के एक Management Consulting Company (Bain&Company) में जॉब करते थे, और यहा पर काम करते करते इन्होंने देखा कि काफी लोग रेस्टोरेंट में जाकर Menu देखने मे ही समय खराब कर देते है, और इसी परेशानी को सुलझाने के लिए दीपेंद्र गोयल व पंकज चड्डा को एक आईडिया आया, और फिर यही से शुरुआत हुई 2008 में Foodie Bay वेबसाइट की। यह एक ऐसी वेबसाइट थी जहाँ कही सारे रेस्टोरेंट के Menus ऑनलाइन ही मिल जाते थे, जिससे रेस्टोरेंट में जाये बिना ही ऑनलाइन ही खाने की लिस्ट व price के बारे में जान पाते थे।साथ ही इस वेबसाईट पर रेटिंग की सुविधा भी थी जिस वजह से लोग रेस्टोरेंट के बारे में व खाने की अच्छाई के बारे में जान पाते थे, जिससे उन्हें बेस्ट रेस्टोरेंट का चयन करने में आसानी होती थी। हालांकि शुरुआत में इस वेबसाइट पर इतनी ज्यादा संख्या में रेस्टोरेंट नही थे, परन्तु धीरे-धीरे इस वेबसाइट पर रेस्टोरेंट की संख्या बढ़ने लगी।
दिल्ली से हुई शुरुआत

इस वेबसाइट की शुरुआत सबसे पहले दिल्ली में करने के बाद इसे मुम्बई व कोलकाता में शुरू कर दिया गया। शुरुआत में इस कम्पनी के फाउंडर ने बिना किसी फंडिंग के अपने ही दम पर काम शुरू किया। व अधिक से अधिक रेस्टोरेंट की लिस्ट अपने वेबसाइट पर लाने की पूरी कौसिस की व पूरी मेहनत से किया काम।

नाम बदलने की शुरुआत

जैसे जैसे इस कम्पनी की लोकप्रियता बढने लगी दीपेंद्र गोयल व पंकज चड्डा ने इस कम्पनी का नाम Foodi Bay से बदल कर कुछ अलग रखने का सोचा,और फिर 2010 में इस वेबसाइट व कम्पनी का नाम बदल के Zomato रख दिया गया। हालांकि जोमाटो नाम रखने के पीछे ऐसा कोई खास कारण नही था, बल्कि यह शब्द टोमेटो में रिदम से लिया गया और नाम बदलने के बाद 2011 में दिल्ली Ncr,मुम्बई, बैंगलोर, चेन्नई, पुणे, कोलकाता व अन्य अलग शहरो में भी फेला दिया गया।


फंडिंग की शुरुआत

इस कम्पनी के पोटेंशियल को पहचानते हुए जॉब सर्च इंजन Naukri.com के फाउंडर संजीव बिकचंदानी ने इस कम्पनी में 1मिलियन डॉलर की फंडिंग मिली व साथ ही Info Edge (इंडिया) से भी जोमाटो को 3.5 मिलियन डॉलर की फंडिंग मिली और ऐसे ही अलग-अलग कम्पनी से जोमाटो को फंडिंग मिलने लगी जिससे जोमाटो आगे बढ़ता चला गया।

जिओ के लांच से हुई कम्पनी साकार

समय के अनुसार ढलते हुए जोमाटो का मोबाइल एप्प भी लांच किया गया। लेकिन 2014 तक तो यह कम्पनी लोस्स में चल रही थी,और इस कम्पनी का सबसे टर्निंग पॉइंट Jio की शुरुआत से हुआ।जिओ के कम मूल्य में बेहतर इंटरनेट सर्विस मिलने लगी थी,जिससे जोमाटो बहोत फायदे में आया। जिओ क्रांति से जोमाटो की वेबसाइट चलने लगी लोग अपने आस पास के रेस्टोरेंट की जानकारी जोमाटो से लेने लगे जैसा कि इस कम्पनी को बनाने का उद्देश्य था

ऑनलाइन फूड डिलीवरी की शुरुआत

जोमाटो रेस्टोरेंट की जानकारी उपलब्ध कराने के साथ-साथ ऑनलाइन फ़ूड डिलीवरी की शुरुआत भी कर दी गयी, और दोस्तो फ़ूड डिलीवरी की शुरुआत के बाद तो जोमाटो ने कभी पीछे मुड़ कर नही देखा, और अगर आज के समय को देख जाए तो जोमाटो दुनिया के 24 अलग-अलग देशो के 8करोड़ से भी ज्यादा यूजर्स है। और दो लोगो द्वारा शुरू की गई कम्पनी में आज हजारों लोग काम करते है।

(मुझे उम्मीद है कि मेरे द्वारा दी गयी Zomato की जानकारी आपको पसन्द आयी होगी, इस जानकारी के लिए अपना अमूल्य समय देने के लिए धन्यवाद व इस जानकारी को आगे जरूर शेयर करे)
Zomato Ke Success Ki Kahani/जोमाटो के सक्सेस की कहानी Zomato Ke Success Ki Kahani/जोमाटो के सक्सेस की कहानी Reviewed by Deepak Dangi on July 14, 2019 Rating: 5

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